रत्न खरड़ पर आयात शुल्क हटाने के लिये ज्वैलर्स एसोसिएशन का प्रतिनिधी मंडल आज केंद्रीय वित्त मंत्री से मिले

जयपुर के सासंद  राम चरण जी बोहरा  के नेतृत्व  में ज्वैलर्स आसोसिएशन का प्रतिनिधी मंडल, जिसमें  आसोसिएशन के अध्यक्ष संजय जी काला, मानद  मंत्री  डी पी खण्डेलवाल जी, संयुक्त मंत्री नीरज जी लुणावत, कोषाध्यक्ष राजू जी मंगोड़ीवाला, व   कार्यकारिणी सदस्य  नरेश अग्रोया जी व पूर्व   MLA व जौहरी मोहन लाल जी गुप्ता भी थे, आज केंद्रीय वित्त मंत्री श्री निर्मला सीतारमन जी से मिला। प्रतिनिधी मंडल ने वित्त मंत्री को जानकारी दी की इस वर्ष  केन्द्रिय बजट में खरड़ पर 0.5 प्रतिशत आयात शुल्क लगा दिया गया है ।खरड़ के परिष्करण  के  पश्‍चात मात्र 10 प्रतिशत की तैयार माल मिल पाता है बाकी 90 प्रतिशत वेस्टेज हो जाता है । इस प्रकार खरड़ पर यदि 1रुपये प्रति  केरेट भी शुल्क लगता है तो तैयार माल 10 रुपये प्रति केरेट की लागत बढ़ती है 

जयपुर, जो जवाहरात व्यवसाय विशेषकर  रंगीन रत्नो के व्यवसाय के लिये विव विख्यात है। यह व्यवसाय इन दिनों मंदी,हांगकांग की समस्या एवं अब कोरोना वायरस व अन्य कठिनाइयों के दौर से गुजर रहा है। व इस व्यवसाय को पड़ोसी देशो  (श्रीलंका, चीन आदि) से बहुत प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है । जयपुर का यह व्यवसाय समग्र रूप से कच्चे माल (रंगीन रत्न खरड़)के आयात पर निर्भर है। 

 इस कठिनाइयों के साथ ही प्रतिस्पर्धा के इस दौर में जब निर्यातक देश भी अपने यहां रत्न  परिष्करण करना चाह रहे है रंगीन रत्न खरड़ पर आयात शुल्क लगाना आत्मघाती कदम है 

माननीय वित्त मंत्री ने प्रकरण  समझकर प्रतिनिधी मण्डल को आश्‍वस्त किया कि वे इस समस्या को हल  करने के प्रयास करेंगी।